Varicocele Surgery Fail क्यों होती है? जानिए 5 कारण

Varicocele Surgery Fail क्यों होती है? जानिए 5 कारण

“मेरी varicocele surgery हो चुकी है, फिर भी varicocele वैसे ही बनी हुई है — क्या मेरी surgery fail हो गई?”

यह सवाल OPD में लगभग हर हफ्ते किसी न किसी patient की तरफ से सुनने को मिलता है। और सच कहूं तो इसका जवाब जितना सोचा जाता है, उससे कहीं ज्यादा scientific और technical है। ज्यादातर मामलों में surgeon की कोई गलती नहीं होती — असली वजह होती है patient की vein anatomy, यानी नसों की बनावट, जो हर इंसान में अलग-अलग हो सकती है।

मैं Dr. Deepak Agarwal, एक Vascular Interventional Radiologist हूं। इस blog में आपको DSA (Digital Subtraction Angiography) यानी जब हम dye डालकर angiogram/venogram करते हैं, उसकी असली images के आधार पर समझाएंगे कि आखिर varicocele की surgery technically सही होने के बावजूद fail क्यों हो जाती है।

अगर आप Varicocele Treatment plan कर रहे हैं, या आपकी surgery हो चुकी है और result नहीं मिला है, तो यह blog पूरा पढ़िए — आपको अपने case को समझने में काफी मदद मिलेगी।

Varicocele क्या होती है, इसे समझना क्यों जरूरी है

Varicocele दरअसल testis (अंडकोष) की नसों का फैल जाना है, जिसकी वजह से उनमें blood reflex यानी उल्टी दिशा में खून का बहाव शुरू हो जाता है। इसका इलाज दो तरीकों से किया जाता है — microscopic surgery या embolization (एक non-surgical, interventional procedure)। लेकिन दोनों ही तरीकों की success पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि patient की gonadal vein (testis की नस) की anatomy कैसी है।

यही वजह है कि surgery से पहले या surgery fail होने के बाद, angiogram के जरिए नसों की सही बनावट समझना बेहद जरूरी हो जाता है।

Case 1: Ideal Patient — जहां surgery और embolization दोनों successful होते हैं

सबसे पहले बात करते हैं उस patient की, जो हर surgeon और interventional radiologist के लिए “dream case” होता है। ऐसे patient में left gonadal vein बिल्कुल straight होती है — जैसे एक सीधा highway, जो ऊपर left renal vein से निकलकर सीधा नीचे testis में जाकर मिलता है।

ऐसे case में चाहे surgery कराई जाए या embolization, दोनों की success rate लगभग एक जैसी और बहुत अच्छी रहती है। Complications अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन result के मामले में दोनों तरीके भरोसेमंद हैं। दिक्कत सिर्फ यह है कि हर patient इतना “lucky” नहीं होता।

अगर हर patient की anatomy इतनी सीधी होती, तो हमारे पास हर महीने पुरानी fail हुई surgery वाले 8-10 नए patients क्यों आते?

Case 2: Multiple Parallel Veins — जब एक नस बांधने से बात नहीं बनती

दूसरे तरह के patient में एक नहीं, बल्कि कई parallel नसें होती हैं। अब समझिए surgeon की मजबूरी — surgery में surgeon पूरे पेट का चीरा नहीं लगाता, बल्कि inguinal region में एक छोटा सा चीरा लगाकर जो भी नस हाथ में आती है, उसे बांध देता है।

अगर उस level पर सिर्फ एक ही नस हाथ में आ रही है, तो surgeon उसी एक नस को बांधेगा। लेकिन अगर ऊपर से बाकी parallel veins भी testis में blood भेज रही हैं, तो सिर्फ एक नस बांधने से reflex बंद नहीं होता — बाकी नसों से blood आना जारी रहता है, और varicocele ठीक नहीं होती।

यहां surgeon की technique बिल्कुल सही है, लेकिन anatomy की वजह से result नहीं मिल पाता। Embolization के दौरान इस स्थिति में हम DSA के जरिए हर नस को अलग-अलग check करते हैं — एक नस बंद करने के बाद दोबारा dye डालकर देखते हैं कि कहीं किसी और vein से flow तो नहीं आ रहा। अगर आता है, तो उसे भी embolize कर देते हैं। यही वजह है कि ऐसे complex cases में embolization की success rate काफी बेहतर देखी जाती है।

Case 3: Duplication of Gonadal Vein — दो highway, एक बंद करने से क्या फायदा

तीसरा case थोड़ा चौंकाने वाला होता है। यहां सिर्फ parallel veins ही नहीं होतीं, बल्कि main gonadal vein खुद ही duplicate होती है — यानी एक की जगह दो अलग-अलग main veins renal vein में drain कर रही होती हैं।

सोचिए, अगर दो highway हों और आप सिर्फ एक बंद करें, तो दूसरा highway तो चालू ही रहेगा। यही यहां होता है — surgery में जब सिर्फ एक नस बांधी जाती है, तो दूसरी vein से reflex जारी रहता है और varicocele बनी रहती है।

ऐसे case में जब हमने DSA किया, तो साफ पता चला कि दो parallel veins मौजूद हैं। पहली vein बंद करने के बाद जब दोबारा dye डाला गया, तो साफ दिखा कि दूसरी vein से अब भी flow जा रहा है। दोनों नसों को अलग-अलग embolize करने के बाद ही patient को सही result मिला। अगर सिर्फ एक highway बंद करके छोड़ देते, तो नतीजा वही ढाक के तीन पात होता।

Case 4: Collateral Veins — सबसे “tricky” और खतरनाक वजह

चौथा case अक्सर सबसे ज्यादा परेशान करने वाला होता है। इसमें main gonadal vein के अलावा शरीर की दूसरी नसों — जैसे आंतों की vein, pelvic vein, या आसपास के muscles की vein — से भी alternate supply मिलती रहती है, जिन्हें collateral veins कहा जाता है।

अगर main vein को पूरी तरह बंद भी कर दिया जाए, लेकिन collateral veins को इलाज से छोड़ दिया जाए, तो कहीं न कहीं से blood flow आना जारी रह सकता है और varicocele पूरी तरह ठीक नहीं होती।

एक example देता हूं — गुजरात से आए एक patient को varicocele के साथ-साथ पैर में भी varicose vein की समस्या थी। जैसे ही ऊपर की varicocele को ठीक किया गया, नीचे पैर की varicose vein भी अपने आप ठीक होने लगी। यह दिखाता है कि collateral नसों का network कितना complex हो सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि collateral veins को surgery में पकड़ना लगभग नामुमकिन है। Embolization में भी कभी-कभी ये miss हो सकती हैं, लेकिन एक अच्छी quality का DSA/angiogram करने पर इन्हें पहचाना जा सकता है, और जरूरत पड़ने पर इन्हें भी separately embolize किया जाता है।

Case 5: Nutcracker Syndrome — जब असली problem gonadal vein में होती ही नहीं

पांचवां case बेहद unusual है — इसे मैंने अपने पूरे career में सिर्फ दो-तीन बार देखा है। इसे कहते हैं Nutcracker Syndrome।

इसमें दिक्कत gonadal vein में नहीं, बल्कि renal vein में होती है। यह vein दो arteries के बीच दबी हुई होती है, जिससे उसका flow रुकावट में आ जाता है। इसका असर नीचे testis की vein पर भी पड़ता है — blood ऊपर की तरफ ठीक से नहीं जा पाता और नीचे रुकने लगता है, जिससे reflex और varicocele बनती है।

अगर यहां सिर्फ gonadal vein को ठीक किया जाए, तो असली problem — यानी renal vein का compression — जस की तस बनी रहती है। इसलिए इस condition में surgery लगभग 100% fail होती है, और embolization में भी failure के chances काफी ज्यादा रहते हैं। इसका सही diagnosis और treatment plan करना बेहद जरूरी है।

तो असली सवाल — surgery fail हुई, या anatomy अलग थी?

इन पांचों cases से एक बात बिल्कुल साफ हो जाती है — ज्यादातर मामलों में जब varicocele surgery के बाद भी ठीक नहीं होती, तो इसका मतलब यह नहीं कि surgeon ने गलती की। असली वजह होती है patient की vein anatomy — multiple veins, duplication, collateral supply या Nutcracker Syndrome जैसी conditions, जिन्हें बिना detailed imaging (DSA/angiogram) के पहचानना मुश्किल होता है।

अगर आपकी varicocele surgery हो चुकी है और varicocele अब भी वैसी ही है, तो दोबारा surgery की तरफ जाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका case किस category में आता है। और अगर आप पहली बार इलाज कराने जा रहे हैं, तो भी सही diagnosis और सही technique चुनने के लिए एक detailed angiogram/imaging assessment कराना समझदारी है।

Varicocele का सही इलाज कैसे चुनें

Varicocele treatment का फैसला सिर्फ symptoms के आधार पर नहीं, बल्कि नसों की detailed anatomy को समझकर लिया जाना चाहिए। इसमें ये बातें ध्यान रखनी जरूरी हैं:

  • Gonadal vein single है, multiple है या duplicate है, यह जानना
  • Collateral veins की मौजूदगी check करना
  • Nutcracker Syndrome जैसी underlying वजहों को rule out करना
  • पहले हुई surgery के बाद भी varicocele बनी रहने पर दोबारा DSA/angiogram कराना

एक experienced Vascular Interventional Radiologist की मदद से DSA के जरिए यह पूरा assessment किया जा सकता है, जिससे यह तय हो पाता है कि patient के लिए embolization बेहतर रहेगा या re-surgery की जरूरत है।

जयपुर में Varicocele Treatment और Expert Consultation

अगर आप जयपुर या आसपास के इलाके में Varicocele Treatment के लिए किसी भरोसेमंद doctor की तलाश में हैं, या आपकी पहले हुई surgery के बाद भी varicocele ठीक नहीं हुई है, तो सही diagnosis और सही treatment plan बहुत जरूरी है। Dr. Deepak Agarwal – Interventional Radiologist in Jaipur की सलाह लेकर DSA और angiogram के जरिए अपनी नसों की सही anatomy समझना पहला और सबसे जरूरी कदम है।

अगर आपको varicocele की समस्या है, चाहे आप पहली बार इलाज करा रहे हों या पहले की surgery fail हो चुकी हो — सही जानकारी और expert consultation के साथ आगे बढ़ना ही सबसे सही रास्ता है।

Disclaimer: इस blog में दी गई जानकारी हमारे YouTube video पर आधारित है।

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